Ujjain Puja Services
क्या आप मंगल दोष, काल सर्प दोष, पितृ दोष, वास्तु दोष, गुरु चांडाल दोष या किसी भी प्रकार के दोष से मुक्ति या पूजा पथ उज्जैन में करण चाहते हैं तो आप उज्जैन के सर्वश्रेष्ठ पंडित जी से एक बार परामर्श जरूर लेना चाहेंगे, पंडित अभिषेक प्रकाश शास्त्री जी उज्जैन मुख्य सबसे अच्छे पंडित हैं

जब सभी ग्रह राहु-केतु के आवरण में आ जाते हैं तो यह अशुभ योग जीवन में अनेक व्यवधान उत्पन्न करता है। इससे मानसिक अस्थिरता, स्वास्थ्य में गिरावट, भावनात्मक उठापटक और अनचाही घटनाओं का सिलसिला चलने लगता है। जिन जातकों की कुंडली में यह योग विद्यमान हो, उन्हें उज्जैन के अनुभवी विद्वान श्री अभिषेक प्रकाश शास्त्री के मार्गदर्शन में यह विशेष अनुष्ठान करवाकर इसके दुष्प्रभावों से राहत पानी चाहिए। जन्मपत्री में यह एक विशिष्ट ग्रह स्थिति है जहाँ समस्त ग्रह छाया ग्रहों के मध्य सीमित हो जाते हैं।

मंगल दोष शांति अनुष्ठान, जिसे मांगलिक दोष निवारण के नाम से भी जाना जाता है, लाल ग्रह की प्रतिकूलता को शांत करने के लिए सम्पन्न किया जाता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह दोष अंकित हो, उसे वैवाहिक प्रस्तावों में बाधाओं का सामना करना पड़ता है और यदि विवाह सम्पन्न भी हो जाए तो दाम्पत्य जीवन में कटुता व संघर्ष बना रहता है। अतः उज्जैन स्थित पवित्र मंगलनाथ धाम में शास्त्रोक्त विधि से यह पूजा सम्पन्न कराने से ग्रह की प्रतिकूलता समाप्त होती है तथा भावी वैवाहिक जीवन में मंगल देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

नवचंडी तथा शतचंडी दोनों ही आदिशक्ति दुर्गा की आराधना के सशक्त विधान हैं। नवचंडी में श्री दुर्गा सप्तशती के सात सौ मंत्रों का नौ आवृत्तियों में पाठ होता है, जबकि शतचंडी में यही पाठ सौ आवृत्तियों में किया जाता है। ये दोनों अनुष्ठान देवी भगवती की अनुकम्पा प्राप्त करने, नवग्रहों एवं नक्षत्रों की प्रतिकूलता को दूर करने तथा जीवन में व्याप्त समस्त बाधाओं के निवारण हेतु सम्पन्न कराए जाते हैं।

भवन निर्माण में वास्तु सिद्धांतों की अनदेखी से उत्पन्न दोषों के परिहार हेतु वास्तु शांति अनुष्ठान किया जाता है। यह पूजा आवासीय अथवा व्यावसायिक स्थल में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह को स्थापित करती है, नकारात्मक शक्तियों का निष्कासन करती है तथा निवास स्थान को सुख-समृद्धि एवं शांति का केन्द्र बनाती है।

ज्योतिष शास्त्र में सूर्य ग्रहण और अंगारक योग दोनों को ही महत्वपूर्ण खगोलीय घटनाएँ माना गया है, परन्तु दोनों का प्रभाव भिन्न-भिन्न होता है। सूर्य ग्रहण तब घटित होता है जब चन्द्रमा, सूर्य और पृथ्वी के मध्य आ जाता है और सूर्य का प्रकाश अवरुद्ध हो जाता है। वहीं अंगारक योग मंगल और चन्द्रमा की युति से बनता है जो जातक के जीवन में उथल-पुथल ला सकता है।

अर्क विवाह एवं कुंभ विवाह सनातन धर्म के विशिष्ट कर्मकांड हैं जो विशेषकर मांगलिक दोष के प्रतिकूल प्रभावों को समाप्त करने के उद्देश्य से सम्पन्न किए जाते हैं। मान्यता है कि जिन जातकों की कुंडली में यह दोष होता है, उनके विवाह में अनावश्यक विलम्ब होता है अथवा वैवाहिक जीवन में बाधाएँ बनी रहती हैं। यह अनुष्ठान उन्हीं दोषों के शमन का पारम्परिक उपाय है।

वैदिक परम्परा में विवाह संस्कार को सोलह संस्कारों में अत्यन्त महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। यह गृहस्थ आश्रम में प्रवेश का प्रतीक है, जो दो आत्माओं को पवित्र बंधन में बाँधता है। शास्त्रों में इसे केवल इस जन्म का नहीं अपितु सात जन्मों का अटूट सम्बन्ध माना गया है, जो धर्म, अर्थ और काम की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करता है।

मूर्ति प्रतिष्ठा, जिसे प्राण प्रतिष्ठा के नाम से भी जाना जाता है, देव विग्रह में चैतन्यता का आह्वान करने की वैदिक प्रक्रिया है। इस अनुष्ठान के माध्यम से मूर्ति में दिव्य चेतना का संचार होता है और वह केवल पाषाण या धातु की आकृति न रहकर साक्षात् देव स्वरूप बन जाती है। यह अत्यन्त गूढ़ एवं विधिवत् सम्पन्न किया जाने वाला कर्मकांड है।

रुद्राभिषेक भगवान शिव के रौद्र रूप की आराधना का सर्वोत्तम वैदिक विधान है। इस अनुष्ठान में शिवलिंग पर दुग्ध, दही, घृत, मधु एवं शक्कर से युक्त पंचामृत से अभिषेक किया जाता है और साथ ही श्री रुद्रम् के मंत्रों का पाठ होता है। यह अनुष्ठान रोग, शोक, भय एवं ग्रह पीड़ा से मुक्ति प्रदान कर मनोवांछित फल की प्राप्ति कराता है।

महामृत्युंजय अनुष्ठान भगवान शिव के मृत्युंजय स्वरूप को समर्पित एक प्रभावशाली वैदिक प्रयोग है। यह पूजा विशेष रूप से अकाल मृत्यु के भय से रक्षा, दीर्घायु की कामना तथा असाध्य रोगों से मुक्ति के लिए की जाती है। इस मंत्र के जाप से न केवल शारीरिक कष्ट दूर होते हैं अपितु मानसिक शांति एवं आध्यात्मिक उन्नति भी प्राप्त होती है।

पितृ दोष निवारण अनुष्ठान पूर्वजों की आत्मा की शांति एवं उनके आशीर्वाद की प्राप्ति के लिए सम्पन्न किया जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से जब कुंडली में पितृ दोष होता है तो जातक को सन्तानोत्पत्ति में कठिनाई, पारिवारिक कलह, आर्थिक हानि एवं अकारण बाधाओं का सामना करना पड़ता है। यह पूजा पितरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट कर उनके अधूरे कार्यों की पूर्ति का भाव लिए होती है, जिससे जीवन की रुकावटें दूर होती हैं।

गुरु चांडाल दोष शांति अनुष्ठान एक विशिष्ट वैदिक प्रक्रिया है जो देवगुरु बृहस्पति और छाया ग्रह राहु अथवा केतु की युति से उत्पन्न अशुभ प्रभावों को निरस्त करती है। इस दोष के कारण जातक की बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है, गुरुजनों से मतभेद होते हैं, शिक्षा में बाधा आती है तथा धार्मिक आस्था डगमगाने लगती है। इस अनुष्ठान के माध्यम से इन सभी नकारात्मक प्रभावों का शमन किया जाता है।
श्री अभिषेक प्रकाश शास्त्री जी उज्जैन की पावन भूमि पर पिछले पन्द्रह वर्षों से अधिक समय से विभिन्न प्रकार की वैदिक एवं तांत्रिक पूजाओं का सफलतापूर्वक सम्पादन करते आ रहे हैं। इनमें कालसर्प दोष शांति, मंगल दोष निवारण, पितृ दोष मुक्ति, वास्तु दोष परिहार, नवग्रह शांति, रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, बगलामुखी हवन, गुरु चांडाल दोष निवृत्ति एवं अर्क-कुंभ विवाह जैसे जटिल अनुष्ठान प्रमुख हैं। अपनी गहन आध्यात्मिक साधना, बहुविध गुरुओं से प्राप्त शिक्षा एवं भक्ति पथ पर अटूट निष्ठा के कारण ही वे उज्जैन के सर्वाधिक विश्वसनीय एवं प्रतिष्ठित पंडितों की श्रेणी में गिने जाते हैं। यदि आप किसी भी ग्रह दोष से पीड़ित हैं तो गुरुदेव से परामर्श कर निश्चित ही लाभान्वित हों।
उज्जैन में सम्पन्न होने वाली पूजाओं में कालसर्प दोष और मंगल दोष की पूजा सर्वाधिक लोकप्रिय है और शास्त्री जी इन दोनों ही अनुष्ठानों के विशेषज्ञ विद्वान हैं। चाहे वह सामान्य पूजन हो, हवन हो अथवा वृहद अनुष्ठान, पंडित जी प्रत्येक को अत्यन्त शास्त्रीय एवं परम्परानुसार सम्पन्न करते हैं। वे मंगलनाथ मंदिर के उपासक भी हैं और मंगल सम्बन्धी पूजाएँ प्रायः इसी पवित्र धाम में सम्पन्न कराई जाती हैं।
उज्जैन में पंडित जी की क्या-क्या उपाधियाँ हैं?
✅ उज्जैन के सर्वश्रेष्ठ पंडित
✅ उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित
✅ उज्जैन में सर्वश्रेष्ठ ज्योतिषी
✅ उज्जैन में काल सर्प पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित
✅ उज्जैन में मंगल दोष पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित
✅ मंगलनाथ मंदिर पंडित
✅ तत्काल सहायता के लिए उज्जैन पंडित के नंबर
उज्जैन को महाकाल की नगरी माना जाता है जहाँ उज्जैन के सर्वश्रेष्ठ पंडित, उज्जैन के प्रसिद्ध पंडित जिनकी गिनती उज्जैन के पंडितों में होती है, अभिषेक प्रकाश शास्त्री जी हैं। इसलिए अगर आप उज्जैन के पंडित का संपर्क नंबर खोजेंगे, तो आपको कालसर्प दोष पूजा, मंगल दोष पूजा या किसी भी प्रकाश के दोष निवारण पूजा के लिए अभिषेक गुरुजी का सुझाव दिया जाएगा। प्रामाणिक और वैदिक अनुष्ठान - उज्जैन में प्रसिद्ध पंडित प्राचीन वैदिक परंपराओं का पालन करते हैं। उज्जैन में काल सर्प पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ पंडित - काल सर्प दोष निवारण में विशेषज्ञ मंगलनाथ मंदिर पूजा विशेषज्ञ - व्यक्तिगत अनुष्ठानों के लिए मंगलनाथ पंडित का संपर्क नंबर प्राप्त करें। ऑनलाइन पूजा बुकिंग - फोन या व्हाट्सएप के माध्यम से पूजा के लिए आसानी से उज्जैन पंडित बुक करें।

नवग्रहों की शांति हेतु यह एक प्रमुख सिद्धपीठ है, विशेषकर तब जब कुंडली में मंगल, शनि, राहु अथवा केतु की युति से कोई अशुभ संयोग बन रहा हो। इस मंदिर में विधिवत पूजा करने से ग्रहों की प्रतिकूलता में अद्भुत कमी आती है।

सम्पूर्ण पूजनोपरान्त रामघाट पर पवित्र शिप्रा में स्नान करना अनुष्ठान की पूर्णाहुति का अनिवार्य अंग है। इस डुबकी से समस्त अवशिष्ट अशुद्धियाँ एवं नकारात्मक स्पंदन धुल जाते हैं और साधक की आध्यात्मिक यात्रा पूर्णता को प्राप्त होती है।

यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है जो अपने भक्तों के समस्त विघ्नों का हरण कर मानसिक स्थिरता एवं शांति प्रदान करते हैं। विशेषकर मंगल ग्रह की प्रतिकूलता के कारण क्रोध, आवेश अथवा व्यावसायिक क्षति झेल रहे व्यक्तियों के लिए यहाँ की पूजा अत्यन्त प्रभावशाली सिद्ध होती है।

यह एक अद्वितीय धाम है जहाँ भक्तों को न केवल आर्थिक ऋणों से अपितु पूर्वजन्म कृत कर्म ऋणों से भी मुक्ति मिलती है। मंगल दोष निवारण पश्चात अधिकतम लाभ प्राप्त करने के इच्छुक श्रद्धालु इस मंदिर में दर्शन-पूजन अवश्य करते हैं।
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मंगल दोष उपचार हेतु यह सर्वाधिक पवित्र एवं जागृत स्थल है। पावन शिप्रा के तट पर अवस्थित इस मंदिर का ज्योतिषीय दृष्टि से सीधा संबंध लाल ग्रह से है, इसे मंगल का जन्म स्थान भी माना जाता है। यहाँ किए गए उपाय अत्यन्त सशक्त एवं त्वरित फलदायी होते हैं, जो साधक के जीवन में शीघ्र ही सकारात्मक परिवर्तन लाते हैं।
उज्जैन के मंगलनाथ मंदिर और अन्य पवित्र स्थानों पर हाल ही में हुए पूजा समारोहों की हमारी तस्वीरें देखें।









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मंगलनाथ मंदिर के पास, उज्जैन, मध्य प्रदेश
7:00 AM - 8:00 PM (All Days)